ये कैसा प्यार है ? (लघु कहानी)
"वेलंटाईन डे" के दिन हाथों में हाथ डाल, प्यार में जीने-मरनें की कसमे खाने के बाद शाम को प्रेमी ने प्रेमिका को बहुत सुन्दर गुलाबों का बुक्के भेंट किया ... लड़की ने बुक्के को चूमा और आई लव यू कह कर विदा ली !
प्रेमी ने मोटर साइकल को किक्क मारी और लड़की अपने घर की ओर चल दी .... घर के पास पहुँचने के बाद लड़की ने आखिरी बार बुक्के की और देखा और उसे रास्ते में पड़े "कूड़ेदान" में फैंक दिया ! कहीं घर पर मम्मी-पापा देख ना लें !
मैं खड़ा सोच रहा था की "ये कैसा प्यार है ?" जो घर के बाहर ही शुरू होता है और घर के बाहर ही खत्म हो जाता है ?
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