कूड़े में प्रभु ! (निक्की कहानी)
तेज बदबू महसूस करते ही उसने नाक पर रुमाल रख लिया ! इलाके का बड़ा कूड़ेदान अपनी पूरी शानोशौकत के साथ दुर्गन्ध फैला रहा था !
आवारा गाय, सूअर और कुत्ते अपने-अपने खाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे ! अचानक गूँज उठी किलकारी ने उसका ध्यान भंग किया तो उसकी नज़र कूड़े के ढेर पर बैठे एक बच्चे पर पड़ी जिसने कूड़े में से अपने खाने के लिए निवाला ढूंढ निकाला था !
बसबस उसका रुमाल वाला हाथ नीचे हो गया ! उसे लगा की जैसे धर्म और नफरत की राजनीति में फंसे प्रभु खुद कूड़े से बीन कर खाने को मजबूर हैं ! उसकी आँखों से अश्रुधारा बह निकली !