Nikki Kahani
A space for stories that matter

Every life hides a powerful story

Short stories, poems & fearless ideas

ਹਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ ਇੱਕ ਨਿੱਕੀ ਕਹਾਣੀ
Balvinder Singh Bison
Nikki Kahani

बकरी की लेंडी ! (निक्की कहानी)

जब तक सोशल एक्टिविस्ट, धार्मिक एवं राजनितिक नेता रुपी "मैं मैं के अभिमान में डूबी बकरियां" बनती रहेंगी तब तक समाज या धर्म, किसी का भी भला नहीं होगा ! (किशोर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा) बकरी दूध तो देती है (अच्छे कार्य करती है) पर भगोना मेंगनों से भी भर देती है ! बकरियों का काम है, कि वो तो बस "मैं-मैं-मैं" करती रहेंगी और सालों बीत जाने के बाद भी वहीँ अपने चिर-परिचित रेवड़ (समूह) में घास चरती नज़र आएँगी ! और बकरियों अहंकार की घास खाती रहेंगी और करती रहेंगी उसी अहंकार की छोटी छोटी मेंगने (लेंडी) ! (विनोद ने उसकी बात को आगे बढाया)
Continue Reading →

घर घर दंगे ! (निक्की कहानी)

फिर दंगे भड़क उठे ! सुना है नेताओं ने जा कर स्थिति संभाल ली है ! वहीँ इलाके के लोगों का कहना है की नेता जी के आने से माहौल और खराब हुआ है ! (राजकिशोर राज ने कहा)राजाराम : कहीं भी दंगे हों तो सबसे पहले ...

Read →

हमाम में सब नंगे ! (निक्की कहानी)

अरे अरे ... ये कैसी फोटो खिचवा रही है ये लडकियां ? कोई शर्म-लिहाज़ है या नहीं ? या केवल सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए बड़े बड़े नेताओं और पार्टियों के नाम इस्तेमाल कर रहीं हैं ? (इंटरनेट पर मशहूर हो रहीं अ...

Read →