Nikki Kahani
A space for stories that matter

Every life hides a powerful story

Short stories, poems & fearless ideas

ਹਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ ਇੱਕ ਨਿੱਕੀ ਕਹਾਣੀ
Balvinder Singh Bison
Nikki Kahani

एक व्रत यह भी रख लिया करो ! (निक्की कहानी)

सुरेश : आज क्या बात है, सुबह सवेरे तैयार हो कर बैठ गयी हो ? (हर समय पति सुरेश को गुस्से से बोलने वाली अंजू आज तैयार हो कर बड़े ही प्यार से शांत बैठी थी)अंजू : आज मैंने तुम्हारी लम्बी उम्र के लिए व्रत रखा है, पूरा दिन भूखा रहना पड़ता है ! तुम मर्दों को क्या पता की हम औरतें तुम्हारे लिए क्या क्या नहीं करतीं ! पुण्य और प्रशाद एक साथ ! तुम्हारी लम्बी आयु भी मांग ली और उपवास भी हो गया जिससे शरीर भी निरोग रहेगा !सुरेश : सुबह सवेरे सरगी (अन्न त्याग का आडम्बर करके ) तो तुमने खा ही ली थी ना ? तो फिर उपवास किस प्रकार हुआ और साथ ही शाम को आलू के रूप में शरीर की जरूरत से बहुत ज्यादा कैलोरी तो तुम खा ली लोगी ! हाँ, फायदा एक जरूर हुआ है मुझे, की तुम आज चुपचाप बैठी हो और लड़ाई नहीं कर रही !अंजू : बस तुम रहने ही दो अपने ये ढकोसले ! तुम्हें क्या पता की मैं तुम्हे कितना प्यार करती हूँ !
Continue Reading →

सर्दी हो या गर्मी, पगड़ी है बननी ! (निक्की कहानी)

मेरा सर दर्द करता है, मैं पगड़ी नहीं बाँध सकता ! (परेशान हो कर मनवीत ने कहा)अच्छा ? और कोई परेशानी तो नहीं, पगड़ी बाँधने में ? (अन्दर से हँसते हुए साहिब सिंघ ने पूछा)मनवीत सिंघ : गर्मियों में तेज़ धूप हो...

Read →