देश का हाल ! (निक्की कविता) 13 May 2018 Nikki Kavita Share this story: Facebook WhatsApp X Share… Copy Link A− A+ एकता कि मिसाल देने वाले खुद अन्दर से खण्डित है !अज्ञानता के महान पिण्ड आज कहलवाते पण्डित हैं !दुष्ट नमक-हराम हैं हमप्याला, शरीफ तो कम्पित हैं !आम आदमी पल में फांसी, नेता के केस लम्बित हैं ! - बलविंदर सिंघ बाईसन ❤️ Like 0 Likes Leave a Comment Post Comment Reader Comments ← Previous Story Next Story →
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