पी.आर.! (निक्की कहानी)

Share this story: WhatsApp X

15th September 2018

आपकी पार्टी की मीडिया में तूती बोलती है, वाकई ही आपका पी.आर. बड़ा कमाल का है ! बाकी पार्टियाँ तो बामुश्किल अपनी बात रख पाती हैं और उनकी कोई भी मीडिया कवरेज भी नहीं दिखती ! (नए नए पत्रकार यशपाल कुमार ने राजनीतिज्ञ और उसकी पार्टी की वाहवाह करते हुए कहा)

राजनीतिज्ञ ने जवाब में अंगूठे और तर्जनी ऊँगली को आपस में मिलाते हुए अंगूठा ऊपर की और करने का इशारा किया) और मुंह से बोला, पी.आर. मतलब पर्सनल रिलेशन भाव निजी संबंध बना कर रखते हैं ! आप भी अपना पता दे दीजिये क्योंकि क्रिसमिस आ रही है और हम सांता क्लास से से कहेंगे की एक अच्छा सा तोहफा आपको भी दे कर जाएँ !

पत्रकार यशपाल ने खींसे निपोरते हुए हाथ मिलाया और पर्सनल रिलेशन भाव निजी संबंधों को आगे भी जारी रखे जाने का भरोसा दिलाया !

Leave a Comment

Reader Comments